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Khula svarg

October 26, 2020

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1. Ek khula svarg

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1 1. Ek khula svarg --:--
2 2. Khula svarg, saat Mai hun --:--
3 3. Khula svarg, jagat ki jooti --:--
4 4. Khula svarg, jeewan ki roti 1 --:--
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6 6. Khula svarg, bhedo ka dwaar 1 --:--
7 7. Khula svarg, bhedo ka dwaar 2 --:--
8 8. Khula svarg, accha carvaahaa 1 --:--
9 9. Khula svarg, accha carwaha 2 --:--
10 10. Khula svarg, punrotthan aur jeewan 1 --:--
11 11. Khula svarg, maarg, satya aur jeewan 1 --:--
12 12. Khula svarg, marg, satya aur jeewan 2 --:--
13 13. Khula svarg, maarg, satya aur jeewan 3 --:--
14 14. Khula svarg, maarg, satya aur jeewan 4 --:--
15 15. Khula svarg, Sacchi Dakhlataa 1 --:--
16 16. Khula svarg, Sacchi Dakhlataa 2 --:--
पाप के कारण मनुष्य परमेश्वर से दूर हो गया, पर यीशु मसीह ने हमारे लिए फिर से मार्ग खोल दिया — वे स्वयं वह सीढ़ी हैं जो पृथ्वी को स्वर्ग से जोड़ते हैं। इस श्रृंखला में उनके सात “मैं हूँ” कथनों के द्वारा जानें कि आत्मिक वास्तविकताओं में कदम-दर-कदम बढ़ते हुए खुले स्वर्ग के साथ जीना कैसे सीखा जाए।
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Aapki Vastavikta

आपकी असली वास्तविकता केवल वही नहीं है जो आँखें देखती हैं — मसीह में आपका जीवन परमेश्वर में सुरक्षित है, और आप स्वर्गीय बुलाहट के सहभागी हैं। जानें कि इस आत्मिक वास्तविकता को विश्वास के द्वारा कैसे ग्रहण करें, और इस पृथ्वी पर परमेश्वर के प्रतिनिधि के रूप में उसकी महिमा को कैसे प्रकट करें।

Aatma me mazboot

आत्मा में मजबूत होना मसीही जीवन की नींव है — जब तक हम आत्मिक सजगता में नहीं बढ़ते, हम आसानी से भ्रम, भय और शत्रु के प्रभाव में आ सकते हैं। सीखें कि आत्मा में मसीह के साथ गहरी एकता कैसे बनाएं, और उसके प्रेम की संगति में बढ़ते हुए हर संघर्ष में स्थिर कैसे रहें।

Aatmeek juddh

आत्मिक युद्ध में विजय के लिए जागरूक, साहसी और अनुशासित आत्मा चाहिए — लापरवाही और डर की नहीं। परमेश्वर से प्रेम और बुराई से घृणा के साथ उठें, और अपने विचारों और भावनाओं को यीशु मसीह के अधीन करके शत्रु का सामना करना सीखें।

Adhyaatmeek prakaashan

परमेश्वर की वास्तविकता को केवल सुनकर नहीं, बल्कि आत्मिक प्रकाशन के द्वारा गहराई से समझा जाता है — जब हमारी आत्मिक आँखें खुलती हैं, तो अय्यूब की तरह हम कह उठते हैं, "अब मेरी आँखें तुझे देखती हैं।" पवित्र आत्मा के इस प्रकाशन को ग्रहण करें और यीशु मसीह के स्वरूप में बदलते जाएं।