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Aatmeek juddh

October 26, 2020

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1. Aakramak ho!

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1 1. Aakramak ho! --:--
2 2. Ek ladaaku bano --:--
3 3. Papa ke saath ugr --:--
4 4. Saamarthi jodha --:--
5 5. Masih me vijay --:--
6 6. Satya ka kamarband 1 --:--
7 7. Satya ka kamarband 2 --:--
8 8. Dharmikta ka jheelem 1 --:--
9 9. Dharmeekta ka jheelem 2 --:--
10 10. Teyari ki jhute 1 --:--
11 11. Teyyari ki jhute 2 --:--
12 12. Vishwas ki dhaal 1 --:--
13 13. Vishwas ki dhaal 2 --:--
14 14. Vishwas ki dhaal 3 --:--
15 15. Vishwas ki dhaal 4 --:--
16 16. Uddhar ka toop 1 --:--
17 17. Uddhar ka toop 2 --:--
18 18. Aatma ki talwaar 1 --:--
19 19. Aatma ki talwaar 2 --:--
20 20. Apne Goliath ko jeeto 1 --:--
21 21. Apne Goliath ko jeeto 2 --:--
22 22. Dridhta se jeetna --:--
23 23. Jeet ka rahasya --:--
24 24. Aatmeek vastaveekta --:--
आत्मिक युद्ध में विजय के लिए जागरूक, साहसी और अनुशासित आत्मा चाहिए — लापरवाही और डर की नहीं। परमेश्वर से प्रेम और बुराई से घृणा के साथ उठें, और अपने विचारों और भावनाओं को यीशु मसीह के अधीन करके शत्रु का सामना करना सीखें।
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Aapki Vastavikta

आपकी असली वास्तविकता केवल वही नहीं है जो आँखें देखती हैं — मसीह में आपका जीवन परमेश्वर में सुरक्षित है, और आप स्वर्गीय बुलाहट के सहभागी हैं। जानें कि इस आत्मिक वास्तविकता को विश्वास के द्वारा कैसे ग्रहण करें, और इस पृथ्वी पर परमेश्वर के प्रतिनिधि के रूप में उसकी महिमा को कैसे प्रकट करें।

Aatma me mazboot

आत्मा में मजबूत होना मसीही जीवन की नींव है — जब तक हम आत्मिक सजगता में नहीं बढ़ते, हम आसानी से भ्रम, भय और शत्रु के प्रभाव में आ सकते हैं। सीखें कि आत्मा में मसीह के साथ गहरी एकता कैसे बनाएं, और उसके प्रेम की संगति में बढ़ते हुए हर संघर्ष में स्थिर कैसे रहें।

Adhyaatmeek prakaashan

परमेश्वर की वास्तविकता को केवल सुनकर नहीं, बल्कि आत्मिक प्रकाशन के द्वारा गहराई से समझा जाता है — जब हमारी आत्मिक आँखें खुलती हैं, तो अय्यूब की तरह हम कह उठते हैं, "अब मेरी आँखें तुझे देखती हैं।" पवित्र आत्मा के इस प्रकाशन को ग्रहण करें और यीशु मसीह के स्वरूप में बदलते जाएं।

Adhyaatmeek Vastaviktaa

अदृश्य आत्मिक वास्तविकता दृश्य संसार से अधिक गहरी और स्थायी है — क्योंकि परमेश्वर, जो आत्मा है, वही सृष्टि का मूल आधार और अटल चट्टान है। अपने जीवन की नींव उस शाश्वत अदृश्य सत्य पर रखें, और हर तूफान में दृढ़ बने रहें।