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Adhyaatmeek prakaashan

October 26, 2020

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6 6. Adhyatmeek prakaashan 6
7 7. Adhyatmeek prakaashan 7
8 8. Adhyatmeek prakaashan 8
9 9. Adhyatmeek prakaashan 9
10 10. Adhyatmeek prakaashan 10
11 11. Adhyatmeek prakaashan 11
12 12. Adhyatmeek prakaashan 12
13 13. Adhyatmeek prakaashan 13
14 14. Adhyatmeek prakaashan 14
15 15. Adhyatmeek prakaashan 15
16 16. Adhyatmeek prakaashan 16
17 17. Adhyatmeek prakaashan 17
18 18. Adhyatmeek prakaashan 18
19 19. Adhyatmeek prakaashan 19
20 20. Adhyatmeek prakaashan 20
21 21. Adhyatmeek prakaashan 21
22 22. Adhyatmeek prakaashan 22
23 23. Adhyatmeek prakaashan 23
24 24. Adhyatmeek prakaashan 24
25 25. Adhyatmeek prakaashan 25
26 26. Divya prakashan 1
27 27. Divya prakashan 2
28 28. Divya prakashan 3
29 29. Spast antardristi
परमेश्वर की वास्तविकता को केवल सुनकर नहीं, बल्कि आत्मिक प्रकाशन के द्वारा गहराई से समझा जाता है — जब हमारी आत्मिक आँखें खुलती हैं, तो अय्यूब की तरह हम कह उठते हैं, "अब मेरी आँखें तुझे देखती हैं।" पवित्र आत्मा के इस प्रकाशन को ग्रहण करें और यीशु मसीह के स्वरूप में बदलते जाएं।

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आपकी असली वास्तविकता केवल वही नहीं है जो आँखें देखती हैं — मसीह में आपका जीवन परमेश्वर में सुरक्षित है, और आप स्वर्गीय बुलाहट के सहभागी हैं। जानें कि इस आत्मिक वास्तविकता को विश्वास के द्वारा कैसे ग्रहण करें, और इस पृथ्वी पर परमेश्वर के प्रतिनिधि के रूप में उसकी महिमा को कैसे प्रकट करें।

Aatma me mazboot

आत्मा में मजबूत होना मसीही जीवन की नींव है — जब तक हम आत्मिक सजगता में नहीं बढ़ते, हम आसानी से भ्रम, भय और शत्रु के प्रभाव में आ सकते हैं। सीखें कि आत्मा में मसीह के साथ गहरी एकता कैसे बनाएं, और उसके प्रेम की संगति में बढ़ते हुए हर संघर्ष में स्थिर कैसे रहें।

Aatmeek juddh

आत्मिक युद्ध में विजय के लिए जागरूक, साहसी और अनुशासित आत्मा चाहिए — लापरवाही और डर की नहीं। परमेश्वर से प्रेम और बुराई से घृणा के साथ उठें, और अपने विचारों और भावनाओं को यीशु मसीह के अधीन करके शत्रु का सामना करना सीखें।

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अदृश्य आत्मिक वास्तविकता दृश्य संसार से अधिक गहरी और स्थायी है — क्योंकि परमेश्वर, जो आत्मा है, वही सृष्टि का मूल आधार और अटल चट्टान है। अपने जीवन की नींव उस शाश्वत अदृश्य सत्य पर रखें, और हर तूफान में दृढ़ बने रहें।

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