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मंगलवार, 9 जून 2026

पुनरुत्थान का जीवन (4)

"और यदि सन्तान हैं तो वारिस भी, वरन् परमेश्‍वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, कि जब हम उसके साथ दु:ख उठाएँ तो उसके साथ महिमा भी पाएँ। क्योंकि मैं समझता हूँ कि इस समय के दु:ख और क्लेश उस महिमा के सामने, जो हम पर प्रगट होनेवाली है, कुछ भी नहीं हैं। और हम सब, जो उघाड़े चेहरों से प्रभु की महिमा दर्पण की नाईं प्रतिबिम्बित करते हैं, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी रूप में महिमा से महिमा में परिवर्तित होते जाते हैं।"
— रोमियों 8:17-18; 2 कुरिन्थियों 3:18

पुनरुत्थान का जीवन किस ओर ले जाता है?

“महिमा”!

पौलुस कहता है कि वह महिमा इतनी प्रबल है कि सांसारिक यात्रा में हमें जिन कठिनाइयों, परीक्षणों और कष्टों से गुजरना पड़ता है, वे उस महिमा के सामने जो हमारी होगी कुछ भी नहीं हैं।

वह आने वाले युग की महिमा के बारे में बात कर रहा है।

और इसे इस युग के शब्दों में वर्णित नहीं किया जा सकता।

यह बहुत शक्तिशाली और महान है और वर्तमान भौतिक वास्तविकता से बिल्कुल अलग आयाम और वास्तविकता में मौजूद है: एक वास्तविकता जिसका हम अभी केवल अनुमान लगा सकते हैं।

हम इसे कब देख पाएंगे?

जब यीशु बादलों पर वापस लौटेगा और हम उससे मिलने के लिए उठा लिए जाएँगे।

तब एक पल में हम पूरी तरह से उसकी महिमामय छवि में बदल दिए जाएँगे।

शारीरिक रूप से भी।

लेकिन अभी से ही वह परिवर्तन चरण दर चरण हो सकता है!

यह तब होता है जब हम “उघाड़े चेहरे” से प्रभु को देखते हैं और “प्रभु की महिमा को दर्पण की तरह प्रतिबिम्बित करना शुरू करते हैं।”

“उघाड़े चेहरे” का क्या मतलब है?

या वह कौन सा पर्दा है जो हमारे चेहरे को ढकता है, और इसे कैसे हटाया जाता है?

पर्दा हमारा शारीरिक स्वार्थ है, हमारी जिद्दी आत्म-केन्द्रितता।

यह तभी गायब होता है जब हम पूरे दिल से प्रभु की ओर फिरते हैं (2 कुर.3:15-16)।

और दुर्भाग्य से, हमें पीड़ा के माध्यम से ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

इसलिए पौलुस कहता है कि अगर हमें मसीह के साथ महिमा प्राप्त करनी है तो हमें उसके साथ दु:ख उठानी होगी।

यह अपरिहार्य है।

मसीह के साथ जी उठने और उसकी महिमा में सहभागी होने के लिए हमें अपने आप से मरना होगा।

और जितना गहराई से मृत्यु को होने दिया जाएगा, इस जीवन में हमारे चेहरों पर उसकी महिमा उतनी ही अधिक चमकेगी।

तब हमें पुनरुत्थान जीवन की अंतिम महिमा का पूर्वानुभव मिलेगा!

क्या आपने ऐसा अनुभव किया है?

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